HomeUdhamSinghNagarकिच्छा: धान खरीद सत्र से पहले राइस मिलर्स की बड़ी मांग, 500...

किच्छा: धान खरीद सत्र से पहले राइस मिलर्स की बड़ी मांग, 500 करोड़ के लंबित भुगतान समेत कई समस्याओं को लेकर SDM को सौंपा ज्ञापन

Date:

किच्छा। आगामी धान खरीद सत्र 2026-27 से पहले राइस मिल उद्योग से जुड़ी समस्याओं को लेकर किच्छा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने उप जिलाधिकारी किच्छा के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजा। एसोसिएशन ने लंबित भुगतानों, चावल उतार, प्रतिभूति राशि, मंडी शुल्क और कस्टम मिलिंग चार्ज समेत कई मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर राइस मिलर्स सरकारी अनुबंध करने की स्थिति में नहीं होंगे।

एसोसिएशन ने बताया कि वर्ष 2019 से 2025 तक प्रदेशभर के राइस मिलर्स का लगभग 500 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसमें अकेले किच्छा केंद्र का करीब 70 करोड़ रुपये शामिल है। भुगतान नहीं मिलने से मिलर्स पर बैंक ऋण, ब्याज और अन्य वित्तीय दायित्वों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2025-26 का करीब 6 लाख क्विंटल चावल अभी तक उतार के लिए लंबित है, जबकि किच्छा केंद्र में ही लगभग 50 हजार क्विंटल चावल का उतार नहीं हो पाया है। मिलर्स ने मांग की कि आगामी धान खरीद सत्र शुरू होने से पहले शेष चावल का उतार और उसका भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

राइस मिलर्स ने वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित प्रतिभूति राशि पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि जहां पूर्व वर्षों में लगभग 20 लाख रुपये की प्रतिभूति जमा की जाती थी, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर करीब 2.50 करोड़ रुपये कर दिया गया है। लंबित भुगतान और आर्थिक दबाव के बीच इतनी बड़ी राशि जमा करना अधिकांश मिलर्स के लिए संभव नहीं है।

एसोसिएशन ने आगामी धान खरीद सत्र में मंडी शुल्क का वहन सरकार द्वारा किए जाने तथा पिछले तीन वर्षों से लंबित 0.5 प्रतिशत मंडी शुल्क अंतर की राशि का भुगतान कराने की मांग भी उठाई।

इसके अलावा राइस मिलर्स ने करीब 12 वर्षों से 10 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कस्टम मिलिंग चार्ज को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाकर 80 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि बिजली, डीजल, श्रम, मशीनरी और रखरखाव की लागत में कई गुना वृद्धि हो चुकी है, जबकि मिलिंग चार्ज में कोई संशोधन नहीं किया गया।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो किच्छा क्षेत्र का कोई भी राइस मिलर आगामी धान खरीद सत्र 2026-27 के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ अनुबंध करने की स्थिति में नहीं होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान किच्छा राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद यादव तथा लालपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन के जितेंद्र सिंघल के नेतृत्व में दर्जनों राइस मिल स्वामी मौजूद रहे।

Latest stories

uttarakhand: हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर राहुल गांधी का BJP-RSS पर हमला, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग

देहरादून: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा...