देहरादून: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अब चुनावी मोड में पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 8 अगस्त को हल्द्वानी पहुंचेंगे, जहां रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा के जरिए कांग्रेस अपने मिशन-2027 का औपचारिक आगाज करेगी।

कुमाऊं से चुनावी अभियान की शुरुआत
कांग्रेस ने इस रैली को चुनावी अभियान का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनाने की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगातार समीक्षा बैठकें कर रही है और संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी का लक्ष्य कुमाऊं मंडल के सभी जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हल्द्वानी पहुंचाना है, ताकि रैली के जरिए मजबूत राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान है। कांग्रेस इस बार महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से जनता के बीच लेकर जाएगी। उनका दावा है कि पार्टी जनहित के सवालों पर सरकार को घेरते हुए चुनावी मैदान में उतरेगी।
‘सत्ता परिवर्तन का संकल्प बनेगी रैली’
यशपाल आर्य ने कहा कि हल्द्वानी की यह रैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं होगी, बल्कि 2027 में उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन के संकल्प का मंच बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन पूरी तरह चुनावी तैयारी में जुट चुका है और जनता के भरोसे के साथ प्रदेश में मजबूत सरकार बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
भाजपा ने भी तेज की चुनावी तैयारियां
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने भी आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
8 अगस्त को देहरादून में गढ़वाल मंडल के जिला और मंडल अध्यक्षों की बैठक आयोजित होगी, जबकि 9 अगस्त को प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। 11 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 17 और 18 अगस्त को गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों की बैठकें आयोजित होंगी।
इसके अलावा 19 अगस्त से बूथ सशक्तिकरण अभियान और 23 अगस्त से शक्ति केंद्र स्तर की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। सितंबर में पार्टी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद अभियान भी चलाएगी, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके।
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव अभी भले ही दूर हों, लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।





