देहरादून। देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। उत्तराखंड समेत पूरे देश में परीक्षा केंद्रों पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।

प्रदेश में इस परीक्षा के लिए 21 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, हालांकि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। देहरादून, नैनीताल और टिहरी समेत कई जिलों में उल्लेखनीय अनुपस्थिति दर्ज की गई।
रविवार, 21 जून को आयोजित इस परीक्षा में देशभर से लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना लेकर छात्र-छात्राएं निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया गया।
उत्तराखंड में 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए
परीक्षा के सफल संचालन के लिए राज्यभर में कुल 53 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। सभी केंद्रों पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। नकल रोकने के लिए जैमर सहित आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया गया।
देहरादून में सबसे ज्यादा अनुपस्थिति
देहरादून जिले में सबसे अधिक अभ्यर्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे। यहां 16 केंद्रों पर कुल 6,810 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन केवल 5,925 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। इस तरह 885 अभ्यर्थी अनुपस्थित दर्ज किए गए।
नैनीताल और टिहरी में भी दिखा असर
नैनीताल जिले में 4,073 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 468 परीक्षा में शामिल नहीं हुए। वहीं, टिहरी में 179 में से 21 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इन आंकड़ों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
अनुपस्थिति के कारणों पर अटकलें
विशेषज्ञों का मानना है कि कई अभ्यर्थी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्वास्थ्य कारणों या परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आई दिक्कतों के चलते शामिल नहीं हो सके। हालांकि, वास्तविक कारणों का स्पष्ट आंकलन विस्तृत विश्लेषण के बाद ही संभव होगा।
अब रिजल्ट और आंसर की का इंतजार
परीक्षा संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी की जाने वाली उत्तर कुंजी और परिणाम पर टिकी है। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और सफल आयोजन बताया है।
उत्तराखंड में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति के बावजूद अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हुई।





