देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का निधन हो गया। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके सेवक आश्रम रोड स्थित आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सीने में दर्द के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार, शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे हीरा सिंह बिष्ट के सीने में अचानक दर्द उठा। इसके बाद उन्हें तत्काल ईस्ट कैनाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई।
उत्तराखण्ड से वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री रहे, हीरा सिंह बिष्ट जी के निधन का दुःखद समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
गरीबों, मजदूरों, कर्मचारियों एवं समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उन्होंने जीवनभर संघर्ष किया। ये कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
शोकाकुल… pic.twitter.com/BAXhy3RuPD
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 26, 2026
जनता के बीच लोकप्रिय और जमीनी नेता थे हीरा सिंह बिष्ट
हीरा सिंह बिष्ट उत्तराखंड की राजनीति में एक सादगीपूर्ण और जमीनी नेता के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में श्रमिकों, गरीबों और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने के कारण उनकी अलग पहचान बनी।
एन.डी. तिवारी सरकार में उन्होंने परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और कई जनकल्याणकारी निर्णयों में अहम भूमिका निभाई।
देहरादून में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. हीरा सिंह बिष्ट जी के आवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
लोकसेवा एवं जनकल्याण के प्रति आपके कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। pic.twitter.com/TLZQtgzXha
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 26, 2026
श्रमिकों के अधिकारों की बुलंद आवाज
हीरा सिंह बिष्ट लंबे समय तक इंटक (INTUC) के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड बनने के बाद तक उन्होंने सक्रिय राजनीति में रहकर जनहित के मुद्दों को विधानसभा और संगठन दोनों स्तरों पर मजबूती से उठाया।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
हीरा सिंह बिष्ट के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं, राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का सार्वजनिक जीवन और जनसेवा हमेशा प्रेरणादायी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए किए गए उनके कार्यों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
कांग्रेस ने बताया अपूरणीय क्षति
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हीरा सिंह बिष्ट के निधन को कांग्रेस परिवार और पूरे उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बिष्ट ने अपना पूरा जीवन श्रमिकों, गरीबों और आम जनता के हितों के लिए समर्पित किया। उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
गोदियाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति में उन्होंने जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया और वे प्रदेश के प्रमुख जननेताओं में शामिल रहे।
खजान दास बोले- राजनीति ने खोया मिलनसार नेता
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने भी हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन सौहार्द, सादगी और जनसेवा का उदाहरण था। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्होंने सभी वर्गों के लोगों के साथ आत्मीय संबंध बनाए और हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी।
राजनीति में छोड़ गए अमिट छाप
हीरा सिंह बिष्ट का निधन उत्तराखंड की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। श्रमिकों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष, जनहित के मुद्दों पर उनकी मुखर आवाज और सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन उन्हें प्रदेश के सम्मानित नेताओं की श्रेणी में हमेशा यादगार बनाए रखेगा। उनके निधन से उत्तराखंड ने एक ऐसे जननेता को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।





