देहरादून: देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी सियासी और छात्र आंदोलनों के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल छात्रों की समस्याओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल का स्वागत किया। उन्होंने इसे देश के लाखों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
सीएम धामी ने कहा कि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा होने से दोषियों को समय पर सजा मिलेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
उत्तराखंड में 100 से अधिक आरोपियों पर कार्रवाई का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पेपर लीक और भर्ती घोटालों से जुड़े मामलों में 100 से अधिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं।
‘छात्रों के मुद्दे को दिया जा रहा राजनीतिक रंग’
सीएम धामी ने कहा कि यदि आंदोलन का उद्देश्य केवल छात्रों की समस्याओं को उठाना होता तो स्थिति अलग होती, लेकिन जिस तरह इस मुद्दे को राजनीतिक स्वरूप दिया जा रहा है, उससे इसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में युवाओं के हित सर्वोपरि हैं। छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए पेपर लीक मामलों के दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय लिया गया है।
जहां एक ओर सरकार युवाओं के… pic.twitter.com/Hem1sC5n8Q
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 23, 2026
युवाओं के हितों से समझौता नहीं होगा
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।





