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सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सीएम धामी ने कहा कि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा होने से दोषियों को समय पर सजा मिलेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। उत्तराखंड में 100 से अधिक आरोपियों पर कार्रवाई का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पेपर लीक और भर्ती घोटालों से जुड़े मामलों में 100 से अधिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। Nothing is more important than the welfare and future of our youth! We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those
involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this… — Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026 उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं। 'छात्रों के मुद्दे को दिया जा रहा राजनीतिक रंग' सीएम धामी ने कहा कि यदि आंदोलन का उद्देश्य केवल छात्रों की समस्याओं को उठाना होता तो स्थिति अलग होती, लेकिन जिस तरह इस मुद्दे को राजनीतिक स्वरूप दिया जा रहा है, उससे इसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व