देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री पोषण (मिड-डे मील) और समग्र शिक्षा कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को स्कूलों में मिड-डे मील की सोशल ऑडिट, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, स्किल-बेस्ड शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और 100 फीसदी विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, नामांकन, शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के लर्निंग आउटकम में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, कौशल विकास और समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
स्कूलों में शुरू होंगे स्किल और वोकेशनल ट्रेनिंग कार्यक्रम
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में स्किल-बेस्ड और वोकेशनल ट्रेनिंग को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। उनका कहना था कि इससे छात्र-छात्राएं भविष्य में स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।
मिड-डे मील की होगी सोशल ऑडिट, रियल-टाइम निगरानी भी
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत परोसे जाने वाले मिड-डे मील (एमडीएम) की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी विद्यालयों में सोशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने को कहा गया है, ताकि यदि किसी भी स्कूल में किसी दिन भोजन तैयार नहीं होता है तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचे और तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस व्यवस्था की रोजाना निगरानी राज्य स्तरीय विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाए। रिपोर्ट राज्य परियोजना निदेशक, संबंधित जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी लापरवाही पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्कूलों में भोजन नहीं बनने की शिकायतें सामने आएं, वहां कारणों का रिकॉर्ड तैयार कर उनका स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही भोजन की गुणवत्ता, समय पर वितरण और निर्धारित पोषण मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य जांच और खेल गतिविधियों पर भी रहेगा विशेष फोकस
बैठक में स्कूलों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, पोषण निगरानी, खेलकूद, शारीरिक शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर स्कूलों में हेल्थ चेकअप रोस्टर का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
बालिकाओं के लिए सुरक्षित शौचालय अनिवार्य
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में बालिकाओं के लिए अलग, सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शौचालयों की नियमित सफाई के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया।
सभी स्कूलों में होगा 100 फीसदी विद्युतीकरण
बैठक में सरकारी विद्यालयों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी प्राथमिकता दी गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं है, उनकी सूची कारणों सहित तैयार की जाए और संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान कर सभी विद्यालयों तक बिजली पहुंचाई जाए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को बेहतर पोषण, सुरक्षित वातावरण, स्वास्थ्य सुविधाएं और कौशल विकास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।





