देहरादून: देशभर में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ते विवाद के बीच उत्तराखंड से भी एक बड़ा मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की दो सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक होने की पुष्टि हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इस फैसले से विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं।

दो विषयों के प्रश्नपत्र लीक
विश्वविद्यालय के अनुसार, पेपर लीक का मामला Machine Learning for Internet of Things (ML for IoT) और Electro Magnetic Field Theory विषयों की सेमेस्टर परीक्षाओं से जुड़ा है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही इन विषयों के प्रश्न छात्रों तक पहुंचने की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
व्हाट्सएप ग्रुप से हुआ खुलासा
कुलपति के निर्देश पर गठित जांच समिति की पड़ताल में सामने आया कि एक इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र से जुड़े कई सवाल छात्रों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए थे। जब परीक्षा में वही प्रश्न पूछे गए तो छात्रों को संदेह हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय और संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशकों को एक गुमनाम ईमेल भेजकर शिकायत की गई।
कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए और प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि हो गई।
आरोपी प्रोफेसर पर सख्त कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी गतिविधि में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही संबंधित कॉलेज को भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी दोबारा परीक्षा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल ने बताया कि दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं और अब इनका आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। नई परीक्षा की तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
इस निर्णय के बाद पहले से परीक्षा दे चुके हजारों छात्रों को अब दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा।
परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर उठे सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब देशभर में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी बनी हुई है। उत्तराखंड में भी पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आ चुके हैं।
ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में भी पेपर लीक की पुष्टि होने से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, दोषी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की है और नई परीक्षा आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब हजारों छात्रों की नजर विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए जाने वाले नए परीक्षा कार्यक्रम पर टिकी है।





