काशीपुर: कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक में यात्रा के दौरान बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध, रूट डायवर्जन और आपसी समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

एसएसपी अजय गणपति की मौजूदगी में आईजीएल गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती थानों के पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की।
11 अगस्त तक उत्तराखंड, 24 अगस्त तक यूपी में रहेगा विशेष ट्रैफिक प्लान
बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी, जबकि उत्तर प्रदेश में 17 अगस्त और 24 अगस्त को जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन तिथियों को देखते हुए दोनों राज्यों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े और भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने तथा आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन लागू करने पर सहमति जताई।
सीओ बाजपुर अखिलेश कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा।
सीमावर्ती थानों के बीच रहेगा 24 घंटे समन्वय
बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती थाने लगातार संपर्क में रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति, कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना या सुरक्षा संबंधी इनपुट का तत्काल आदान-प्रदान किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बैठक में सीओ ठाकुरद्वारा आशीष प्रताप सिंह, सीओ अफजलगढ़ आलोक सिंह, सीओ स्वार सोनम सिंह, सीओ बिलासपुर हर्षिता, सीओ बाजपुर अखिलेश कुमार, काशीपुर कोतवाल हरेंद्र चौधरी, आईटीआई थाना प्रभारी मोहन चंद्र पांडे, कुंडा थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह सहित दोनों राज्यों के कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
व्यापारियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील
वहीं, जसपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के स्थानीय अध्यक्ष हरिओम सिंह ने नगर के व्यापारियों से कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां कर रहा है। ऐसे में व्यापारी भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं और गुरु नानक रेस्टोरेंट से झंडा चौक तक कांवड़ मार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।
उन्होंने व्यापारियों से निर्धारित सीमा के भीतर ही अपना सामान रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, ताकि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।





