नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में सड़क पर बने असुरक्षित गड्ढे में बाइक गिरने से 25 वर्षीय युवक कमल की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद राजधानी में रोष व्याप्त है और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया है।

हादसा कैसे हुआ
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास जल बोर्ड के कार्य के लिए सड़क खोदी गई थी। आरोप है कि गड्ढे के चारों ओर पर्याप्त बैरिकेडिंग और रात्रि संकेतक (रिफ्लेक्टर) नहीं लगाए गए थे। देर रात ड्यूटी से लौटते समय कमल की बाइक गड्ढे में गिर गई। लोगों ने बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी सक्रिय हुए। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया और संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया। बलूनी ने इसे “व्यवस्था की गंभीर विफलता” बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित विभागों को जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है।
प्रवासी समुदाय में आक्रोश
दिल्ली में रह रहे उत्तराखंडी समाज और स्थानीय नागरिकों ने घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जो हादसों का कारण बन रही हैं। सामाजिक संगठनों ने सुरक्षा ऑडिट और स्थायी निगरानी तंत्र लागू करने की मांग की है।
पुलिस और संबंधित विभागों की जांच जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिम्मेदार पाए जाने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





