हल्द्वानी में 22 साल के सजल ने कमर और पेट के असहनीय दर्द से टूटकर सोमवार को आत्मघाती कदम उठा लिया। मरने से पहले उसने छह मिनट 32 सेकेंड का वीडियो रिकॉर्ड कर मां-बाप से माफी मांगी और कहा—”मैं इतना स्ट्रॉन्ग नहीं हूं कि ये सब झेल सकूं।”

सजल ने वीडियो में बताया कि ढाई-तीन महीने पहले उसके लोअर बैक में दर्द शुरू हुआ था। स्लिप डिस्क की समस्या सामने आई, जिसके बाद उसने कई जगह इलाज कराया, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। हाल ही में सीढ़ियों से गिरने के बाद उसके आईबीएस (इरीटेबल बाउल सिंड्रोम) के लक्षण भी दोबारा उभर आए थे। कमर और पेट के लगातार बढ़ते दर्द से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
वीडियो में सजल ने कहा कि यह उसका खुद का फैसला है, इसमें परिवार या दोस्तों का कोई दोष नहीं है। उसने मां-बाप से कहा—”आपने मेरे लिए सबकुछ किया, लेकिन मैं और सहन नहीं कर पा रहा हूं। हो सके तो मुझे माफ कर देना।”
सजल यूट्यूब पर सक्रिय था और उसके चैनल पर 63 वीडियो व साढ़े आठ हजार से अधिक सब्सक्राइबर थे। वह सामाजिक मुद्दों, विजिलेंस और पर्यावरण से जुड़े वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि उसने आत्महत्या के लिए ऑनलाइन चाकू मंगाया था। सजल दो भाइयों में छोटा था, जबकि बड़ा भाई विदेश में पायलट की ट्रेनिंग ले रहा है।
डा. सुशीला तिवारी अस्पताल के वरिष्ठ मनोविज्ञानी डा. युवराज पंत ने कहा कि लंबे समय तक शारीरिक पीड़ा से जूझने पर कई बार अवसाद के कारण दिमाग बीमारियों को और गहराई से महसूस करने लगता है। ऐसे मामलों में सही समय पर डॉक्टर और मनोचिकित्सक से इलाज जरूरी है, वरना स्थिति जानलेवा हो सकती है।





