पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण ब्लॉक अंतर्गत मरोड़ा ग्राम पंचायत की युवा ग्राम प्रधान विरमा रावत इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में ग्राम प्रधान और एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच तीखी बहस और नोकझोंक दिखाई दे रही है, जिसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

वीडियो में दोनों पक्षों के बीच विवाद स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्राम प्रधान का आरोप है कि संबंधित बुजुर्ग व्यक्ति उनके चरित्र को लेकर क्षेत्र में भ्रामक और निराधार अफवाहें फैला रहा था। इसी मुद्दे पर जब उन्होंने उससे बात की, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बहस के दौरान बुजुर्ग व्यक्ति ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथ पकड़कर खींचा।
ग्राम प्रधान विरमा रावत ने बताया कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड किया, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और उनके खिलाफ फैल रही अफवाहों का खंडन किया जा सके। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। ग्राम प्रधान ने थलीसैंण पुलिस को सूचना देने के साथ ही लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, जहां बुजुर्ग व्यक्ति ने लिखित रूप में माफी मांगी। हालांकि, ग्राम प्रधान का आरोप है कि माफी के बावजूद उन्हें दोबारा धमकाने की कोशिश की गई।
विरमा रावत ने बताया कि ग्राम प्रधान बनने के बाद उन्होंने गांव में शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया, जिसका उद्देश्य नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाना और गांव के विकास को गति देना था। उन्होंने कहा कि उनके इस प्रयास के बावजूद कुछ लोग उनके खिलाफ गलत अफवाहें फैला रहे हैं।
24 वर्षीय विरमा रावत वर्ष 2025 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जीतकर ग्राम प्रधान बनीं। इससे पहले वह दिल्ली में कार्यरत थीं, लेकिन गांव के विकास के लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर वापस लौटने का निर्णय लिया। उनके प्रयासों से जनवरी 2026 में गांव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी शुरू हो सकी।
वायरल वीडियो के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर कई लोग ग्राम प्रधान के समर्थन में सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यह घटना ग्रामीण समाज में महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक सोच और स्थानीय राजनीति को लेकर नई बहस को जन्म देती नजर आ रही है।





