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उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, ऊर्जा बचत के लिए हफ्ते में एक दिन ‘No Vehicle Day’

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उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य स्तर पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार लागू करने का फैसला लिया गया है। इन फैसलों का उद्देश्य बढ़ती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और वैश्विक आर्थिक दबाव को कम करना है।

Uttarakhand Cabinet Decision

कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों में हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ लागू करना शामिल है। साथ ही मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फ्लीट में शामिल वाहनों की संख्या को आधा किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों को एक दिन में अधिकतम एक ही वाहन इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी कामकाज में भी बदलाव करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। परिवहन विभाग को बस सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ऊर्जा संरक्षण के तहत सरकारी और निजी भवनों में एयर कंडीशनर के सीमित उपयोग पर जोर दिया गया है। वहीं, नए सरकारी वाहनों की खरीद में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अनिवार्य किए जाएंगे और राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत धार्मिक, विरासत, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किट का व्यापक प्रचार किया जाएगा। साथ ही डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहन और सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था लागू की जाएगी।

सरकार ने नागरिकों से एक वर्ष तक सोने की खरीद सीमित करने की अपील की है और ‘मेड इन स्टेट’ अभियान के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। खाद्य आदतों में सुधार के तहत कम तेल वाले भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा और स्कूलों, अस्पतालों व सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, जीरो बजट खेती और बायो-इनपुट्स को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा पीएनजी कनेक्शन, रूफटॉप सोलर और गोबर गैस जैसी वैकल्पिक ऊर्जा योजनाओं को मिशन मोड में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों—जैसे कोरोना महामारी के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संकट—के कारण ईंधन और खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के जरिए राज्य में बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

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