देहरादून: देहरादून स्थित रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नंदा देवी एक्सप्रेस से जुड़े अतिरिक्त कोच शंटिंग के दौरान पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि सभी कोच खाली थे और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने रेलवे संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शंटिंग के दौरान दीवार से टकराई ट्रेन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूट से लौटने के बाद अतिरिक्त कोचों को यार्ड में खड़ा करने की प्रक्रिया चल रही थी। कुल 11 अतिरिक्त कोचों में से 10 को प्लेटफॉर्म नंबर पांच की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन पीछे की ओर बढ़ते हुए स्टेशन परिसर की दीवार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शंटिंग के दौरान लोको पायलट को पीछे उपलब्ध दूरी की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई, जिसके चलते समय रहते ट्रेन को रोका नहीं जा सका। घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।
मंडल अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद मंडल से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम देहरादून पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। रेलवे प्रशासन शंटिंग प्रक्रिया में हुई संभावित चूक की विस्तृत जांच कर रहा है। शुरुआती तौर पर मानवीय त्रुटि की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पटरी से उतरे कोचों को हटाने के लिए हरिद्वार से विशेष तकनीकी ट्रेन मंगाई गई। रेलवे कर्मचारियों ने देर रात तक अभियान चलाकर कोचों को दोबारा ट्रैक पर चढ़ाया। इस दौरान स्टेशन यार्ड में रेल आवाजाही सीमित रही और संचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।
ट्रेनों की आवाजाही पर असर
घटना के चलते देहरादून से चलने वाली कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। मसूरी एक्सप्रेस और कुंभ एक्सप्रेस सहित कई गाड़ियां निर्धारित समय से देरी से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। ट्रैक बहाल होने और ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हालांकि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर शंटिंग प्रक्रिया और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल ट्रैक को दुरुस्त कर ट्रेन संचालन बहाल कर दिया गया है।





