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को प्लेटफॉर्म नंबर पांच की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन पीछे की ओर बढ़ते हुए स्टेशन परिसर की दीवार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शंटिंग के दौरान लोको पायलट को पीछे उपलब्ध दूरी की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई, जिसके चलते समय रहते ट्रेन को रोका नहीं जा सका। घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। मंडल अधिकारियों ने संभाला मोर्चा मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद मंडल से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम
देहरादून पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। रेलवे प्रशासन शंटिंग प्रक्रिया में हुई संभावित चूक की विस्तृत जांच कर रहा है। शुरुआती तौर पर मानवीय त्रुटि की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन पटरी से उतरे कोचों को हटाने के लिए हरिद्वार से विशेष तकनीकी ट्रेन मंगाई गई। रेलवे कर्मचारियों ने देर रात तक अभियान चलाकर कोचों को दोबारा ट्रैक पर चढ़ाया। इस दौरान स्टेशन यार्ड में रेल आवाजाही सीमित रही और संचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। ट्रेनों की आवाजाही पर असर घटना के चलते देहरादून से