देहरादून: उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है, जिससे प्रदेशभर में कड़ाके की ठंड लौट आई है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार, 28 जनवरी को भी अधिकांश जिलों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जिसका असर मैदानी क्षेत्रों में भी साफ नजर आ रहा है। जहां बर्फबारी से जल स्रोतों और पर्यावरण को राहत मिली है, वहीं जनजीवन प्रभावित हुआ है। देर रात से जारी खराब मौसम के कारण यमुनोत्री हाईवे पर राना चट्टी से आगे और राड़ी टॉप क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इससे उत्तरकाशी जिले की रवांई घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सड़क खोलने के प्रयास जारी हैं, हालांकि मौसम बाधा बना हुआ है।
पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। तेज हवाओं के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को राज्य के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया गया है। पुरोला, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, मुनस्यारी, कपकोट और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं।
मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। इन जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिमस्खलन को लेकर अलर्ट
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (DGRE) की चेतावनी के अनुसार—
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उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है, जहां कई हिमस्खलन मार्गों पर गहरी और अस्थिर बर्फ जमा है।
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पिथौरागढ़ को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है, जहां कुछ मार्गों पर अस्थिर बर्फ और छोटे हिमस्खलन की आशंका है।
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बागेश्वर को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है, जहां स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर बताई गई है, हालांकि स्थानीय अस्थिरता की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए हैं।





