पटना। बिहार में चुनावी बिगुल आखिरकार बज गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की पूरी रूपरेखा जारी की। चुनाव इस बार दो चरणों में होंगे — पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

पहले चरण का चुनाव कार्यक्रम
| कार्यक्रम | तिथि |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 10 अक्टूबर |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 17 अक्टूबर |
| नामांकन पत्र जांच | 18 अक्टूबर |
| नामांकन वापसी की अंतिम तिथि | 20 अक्टूबर |
| मतदान की तिथि | 6 नवंबर |
| मतगणना | 14 नवंबर |
| चुनाव प्रक्रिया पूर्ण | 16 नवंबर |
दूसरे चरण का चुनाव कार्यक्रम
| कार्यक्रम | तिथि |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 13 अक्टूबर |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 20 अक्टूबर |
| नामांकन पत्र जांच | 21 अक्टूबर |
| नामांकन वापसी की अंतिम तिथि | 23 अक्टूबर |
| मतदान की तिथि | 11 नवंबर |
| मतगणना | 14 नवंबर |
| चुनाव प्रक्रिया पूर्ण | 16 नवंबर |
7.42 करोड़ मतदाता तैयार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 3.92 करोड़ पुरुष और 3.5 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। इनमें 14 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, जबकि 14 हजार मतदाता 100 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
राज्य भर में 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आयोग का लक्ष्य इस बार के चुनावों को “सबसे पारदर्शी और सुगम” बनाना है।
मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा कराने की व्यवस्था
सीईसी ने बताया कि इस बार मतदाता मतदान कक्ष के ठीक बाहर अपने मोबाइल फोन जमा कर मतदान कर सकेंगे और वोट देने के बाद उन्हें वापस ले पाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों को हिंसा या दबाव के हर प्रयास को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
ईवीएम में रंगीन तस्वीरें और बड़ा फॉन्ट
निर्वाचन आयोग ने घोषणा की कि इस बार ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन होंगी और क्रम संख्या का फॉन्ट बड़ा होगा। साथ ही, डाक मतपत्रों की गिनती ईवीएम के अंतिम दो दौर से पहले अनिवार्य रूप से की जाएगी।
शिकायत और पारदर्शिता के लिए नई व्यवस्था
किसी भी मतदाता को कोई शिकायत होने पर वह ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से बीएलओ, ईआरओ या राज्य के सीईओ (पटना) से सीधे संपर्क कर सकेगा।
निष्पक्ष और सुचारु चुनाव की तैयारियां
चुनाव आयोग ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं —
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प्रति मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 की गई है।
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वेबकास्टिंग की सुविधा सभी मतदान केंद्रों पर होगी।
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मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) पूरी की गई है।
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चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए 17 नई पहलें लागू की जा रही हैं।
विधानसभा का कार्यकाल और पिछला चुनाव
बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। 2020 में चुनाव कोविड-19 महामारी के बीच तीन चरणों में कराए गए थे।
इस बार भी राजनीतिक दलों ने आग्रह किया था कि छठ महापर्व के बाद ही मतदान कराया जाए ताकि प्रवासी मजदूरों सहित अधिकतम मतदाता भागीदारी सुनिश्चित हो सके।





