मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है कि अगर उसने नई शांति योजना को ठुकराया, तो नतीजे बेहद “खतरनाक” होंगे। उधर, हमास ने इस प्रस्ताव को लेकर कड़ा विरोध जताया है और संकेत दिए हैं कि वह इसे खारिज कर सकता है।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने ऐलान किया कि गाजा पट्टी के भीतर गाजा शहर को चारों ओर से घेर लिया गया है। उन्होंने बताया कि नेट्ज़रीम कॉरिडोर को भूमध्य सागर तक बढ़ा दिया गया है, जिससे गाजा शहर पूरी तरह कट गया है।
काट्ज़ ने साफ कहा कि दक्षिण की ओर निकलने वालों को इजरायली चेकपोइंट से गुजरना होगा और जो लोग क्षेत्र खाली नहीं करेंगे, उन्हें आतंकियों का समर्थक माना जाएगा। इस फैसले से गाजा में पहले से ही गंभीर मानवीय संकट और गहरा गया है।
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ट्रंप का ‘शांति प्रस्ताव’ और हमास की आपत्ति
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पेश इस योजना में तत्काल युद्धविराम, इजरायली बंधकों की रिहाई, चरणबद्ध तरीके से इजरायली सेना की वापसी, हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में अंतरिम सरकार का गठन शामिल है।
हालांकि हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने BBC को बताया कि इस योजना में गंभीर समस्याएं हैं—खासतौर पर हथियार छोड़ने और गाजा में अंतरराष्ट्रीय फोर्स की तैनाती का मुद्दा। हमास का कहना है कि फिलिस्तीनी राज्य की गारंटी के बिना वह किसी भी तरह के निरस्त्रीकरण को स्वीकार नहीं करेगा।
बड़े सवाल खड़े
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रंप और नेतन्याहू ने जान-बूझकर ऐसा शांति प्रस्ताव पेश किया है, जिसे हमास स्वीकार ही न करे, और फिर उसे आधार बनाकर गाजा खाली करवाने की योजना लागू की जा सके।
मौजूदा हालात बताते हैं कि गाजा में युद्ध विराम की संभावना एक बार फिर से धुंधली होती जा रही है।





