देहरादून। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया और आयोग पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

मामला उन उम्मीदवारों से जुड़ा है जिनके नाम एक से अधिक मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले ऐसे उम्मीदवारों को पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति देने वाला सर्कुलर जारी किया था, जिसे उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अधिनियम की धारा 9(6) और (7) के खिलाफ माना और रोक लगा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता शामिल थे, ने एसईसी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आयोग का स्पष्टीकरण वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस सर्कुलर के आधार पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की जाएगी।
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले प्रतिवादी शक्ति सिंह भर्तवाल ने कई ऐसे उदाहरण सामने रखे थे जहां कई मतदाता सूचियों में नाम वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जा रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग की सख्त फटकार की और दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि किसी उम्मीदवार का नामांकन केवल इसलिए खारिज नहीं किया जाएगा क्योंकि उसका नाम एक से अधिक ग्राम पंचायत या नगर पालिका की मतदाता सूची में दर्ज है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्पष्टीकरण को असंगत और अधिनियम के खिलाफ बताया।





