जोरहाट, असम: भारतीय वायु सेना (IAF) का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान शनिवार सुबह असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब विमान एयरफील्ड पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। हादसे के बाद मौके पर तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है, जबकि पायलट के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।

वायु सेना के अधिकारियों के मुताबिक, AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा और एयरबेस के पास क्रैश हो गया। घटना के बाद एयरबेस पर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत तैनात किया गया। फिलहाल बचाव कार्य जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
IAF ने अभी तक किसी भी तरह के हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हादसे के बाद के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिनमें क्रैश साइट से धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है।

वायु सेना ने इस दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित करने की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
#UPDATE | Firefighting operations are underway at the accident site in Jorhat, say IAF officials, after an AN-32 transport aircraft of the Indian Air Force met with an accident at the Jorhat Air Force station. https://t.co/JYX7IxmEUo
— ANI (@ANI) June 13, 2026
खराब मौसम भी हो सकता है कारण
बताया जा रहा है कि हादसे के समय जोरहाट में मौसम खराब था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का इस दुर्घटना से संबंध हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

AN-32 विमान की खासियत
AN-32 एक ट्विन-इंजन टैक्टिकल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान है, जिसे एंटोनोव डिजाइन ब्यूरो ने विकसित किया है। यह विमान खास तौर पर ऊंचाई वाले और ट्रॉपिकल इलाकों में बेहतर प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। इसमें शक्तिशाली टर्बोप्रॉप इंजन लगे होते हैं, जो इसे कठिन परिस्थितियों में भी संचालन योग्य बनाते हैं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
AN-32 विमान पहले भी कई हादसों का शिकार हो चुका है। जून 2019 में ऐसा ही एक विमान अरुणाचल प्रदेश में लापता हो गया था, जिसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जुलाई 2016 में चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक AN-32 बंगाल की खाड़ी के ऊपर गायब हो गया था, जिसमें 29 लोग सवार थे।
फिलहाल जोरहाट हादसे को लेकर राहत और बचाव कार्य जारी है और पूरे मामले पर वायु सेना की नजर बनी हुई है।





