जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बरगी डैम में गुरुवार को हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। घटना के बाद प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
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हादसे के दौरान सबसे पहले मौके पर मौजूद पुल निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इनमें पश्चिम बंगाल के रहने वाले मजदूर रमजान ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जिंदगी बचाई और मानवता की मिसाल पेश की।
25 फीट ऊंचाई से लगाई छलांग, 6 लोगों को निकाला बाहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय क्रूज के पास ही पुल निर्माण का कार्य चल रहा था। रमजान ने जैसे ही क्रूज को डूबते देखा, वह तुरंत रस्सी लेकर करीब 25 फीट ऊंचाई से बांध में कूद गया। उसने साहस दिखाते हुए 6 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें 4 की जान बच गई, जबकि 2 लोगों की मौत हो गई।
मजदूरों ने पहले ही दी थी चेतावनी
घटनास्थल पर मौजूद मजदूर बिंद्र कुमार यादव ने बताया कि क्रूज को अनियंत्रित होते देख उन्होंने पायलट को रोकने के लिए आवाज भी लगाई थी और साथियों से रस्सी लाने को कहा था, लेकिन चेतावनी के बावजूद क्रूज आगे बढ़ता गया और कुछ ही देर में डूब गया।
साथियों के साथ मिलकर किया रेस्क्यू
अन्य मजदूरों—राज कुमार (बिहार) और शिवनाथ (गोरखपुर)—ने बताया कि जब तक वे क्रूज तक पहुंचते, वह पूरी तरह डूब चुका था। कुछ यात्री पहले ही पानी में गिर गए थे, जिन्हें मजदूरों ने मिलकर बाहर निकाला।
तेज आंधी-तूफान बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज आंधी और खराब मौसम के कारण क्रूज असंतुलित हो गया और बांध में डूब गया। हादसे में अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 9 शव बरामद हुए हैं।
प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।





