पौड़ी गढ़वाल जिले के जयहरीखाल विकासखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बरस्वार गांव में गुलदार ने घर के आंगन में खेल रही डेढ़ साल की मासूम बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

ग्रामीणों के अनुसार, बरस्वार गांव निवासी और पूर्व बीडीसी सदस्य बीरेंद्र सिंह की डेढ़ वर्षीय पोती याशिका अपनी मां के साथ कमरे से बाहर आंगन में आई थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक झपट्टा मारते हुए बच्ची को मुंह में दबाया और झाड़ियों की ओर भाग गया। घटना इतनी अचानक हुई कि मां कुछ समझ पाती, उससे पहले ही गुलदार बच्ची को लेकर ओझल हो गया। मां की चीख-पुकार सुनते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
करीब एक घंटे की खोजबीन के बाद बच्ची का शव घर से लगभग 20 मीटर दूर झाड़ियों में लहूलुहान अवस्था में मिला। परिजन तुरंत बच्ची को लैंसडाउन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। लैंसडाउन के रेंजर राकेश चंद्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गांव में वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने, गुलदार को जल्द पकड़ने और आदमखोर घोषित कर शूट करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी पौड़ी जिले के कई विकासखंडों में गुलदार की सक्रियता की घटनाएं सामने आती रही हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में गुलदार की आवाजाही, पालतू जानवरों पर हमले और लोगों के घायल होने की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोग बेहद चिंतित हैं।





