देहरादून: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर अब उत्तराखंड परिवहन निगम की बस खरीद योजना पर भी दिखाई देने लगा है। निगम द्वारा खरीदी जाने वाली 59 नई बसों की खरीद प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है। निर्माता कंपनी ने वैश्विक स्तर पर लागत बढ़ने का हवाला देते हुए पहले से तय कीमत पर बसों की आपूर्ति करने से इनकार कर दिया है। फिलहाल इस मुद्दे पर निगम और कंपनी के बीच बातचीत जारी है।
100 बसों की डील से शुरू हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड परिवहन निगम ने जुलाई 2025 में टाटा के साथ 100 बसों की खरीद का समझौता किया था। इसके लिए परचेज ऑर्डर (PO) भी जारी किया गया था। उस समय प्रति बस की कीमत 35.35 लाख रुपये तय की गई थी।
बाद में सितंबर 2025 में केंद्र सरकार ने बसों पर लगने वाली जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी। टैक्स में कमी आने से प्रति बस करीब 2.77 लाख रुपये की बचत हुई। इसी बचत के आधार पर निर्माता कंपनी ने उसी बजट में 9 अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था।
50 नई बसों की योजना पर भी पड़ा असर
हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 50 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी थी। इन बसों की अनुमानित खरीद कीमत 32.58 लाख रुपये प्रति बस तय की गई थी।
लेकिन अब निर्माता कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए नई दर 36 लाख रुपये प्रति बस प्रस्तावित कर दी है। इसके चलते 9 अतिरिक्त बसों और 50 नई बसों समेत कुल 59 बसों की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।
अक्टूबर तक खरीद पूरी करने का लक्ष्य
परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सभी 59 बसों की खरीद प्रक्रिया अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निगम ने निर्माता कंपनी से इस संबंध में जल्द लिखित जवाब मांगा है। यदि दोनों पक्षों के बीच कीमतों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो निगम अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
क्या बोले परिवहन निगम के अधिकारी?
उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि निर्माता कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत का हवाला देते हुए पहले से तय दरों पर बसों की आपूर्ति करने में असमर्थता जताई है।
उन्होंने कहा कि निगम लगातार कंपनी के संपर्क में है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। निगम का लक्ष्य है कि अक्टूबर 2026 तक नई बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी कर प्रदेश की परिवहन सेवाओं को मजबूत किया जाए।





