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में टाटा के साथ 100 बसों की खरीद का समझौता किया था। इसके लिए परचेज ऑर्डर (PO) भी जारी किया गया था। उस समय प्रति बस की कीमत 35.35 लाख रुपये तय की गई थी। बाद में सितंबर 2025 में केंद्र सरकार ने बसों पर लगने वाली जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी। टैक्स में कमी आने से प्रति बस करीब 2.77 लाख रुपये की बचत हुई। इसी बचत के आधार पर निर्माता कंपनी ने उसी बजट में 9 अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। 50 नई बसों की योजना पर भी पड़ा असर हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने पर्वतीय क्षेत्रों
के लिए 50 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी थी। इन बसों की अनुमानित खरीद कीमत 32.58 लाख रुपये प्रति बस तय की गई थी। लेकिन अब निर्माता कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए नई दर 36 लाख रुपये प्रति बस प्रस्तावित कर दी है। इसके चलते 9 अतिरिक्त बसों और 50 नई बसों समेत कुल 59 बसों की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। अक्टूबर तक खरीद पूरी करने का लक्ष्य परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सभी 59 बसों की खरीद प्रक्रिया अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निगम ने निर्माता कंपनी