हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस ने नकली नोटों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 500-500 रुपये के 169 नकली नोट, यानी कुल 84,500 रुपये की जाली करेंसी बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हरिद्वार के बाजारों में इन नकली नोटों को खपाने की फिराक में थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी पंजाब के गुरदासपुर जिले के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, चारों आपस में पारिवारिक रिश्ते में हैं और इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के निर्देश पर जिलेभर में संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान रविवार रात नगर कोतवाली पुलिस की टीम मेला अस्पताल क्षेत्र में वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी।
पुलिस को चार युवक संदिग्ध अवस्था में आते दिखाई दिए। जब उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो वे घबराकर वापस मुड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर टिबड़ी तिराहे के पास चारों को पकड़ लिया।
तलाशी में मिले 169 नकली नोट
पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 500 रुपये के 169 नकली नोट बरामद हुए। इसके बाद सभी को हिरासत में लेकर नगर कोतवाली लाया गया और पूछताछ शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर निवासी एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये असली नकद देकर 500-500 रुपये के 200 नकली नोट, यानी कुल एक लाख रुपये की जाली करेंसी खरीदी थी।
कुछ नकली नोट बाजार में भी चला चुके थे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हरिद्वार पहुंचने के बाद कुछ नकली नोट स्थानीय बाजार में चला चुके थे। शेष नोटों को भी विभिन्न दुकानों और बाजारों में खपाने की तैयारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन स्थानों पर नकली नोटों का इस्तेमाल किया गया।
मुख्य सप्लायर की तलाश में जुटीं पुलिस और एजेंसियां
नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं, एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर गिरोह के मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी इनपुट जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नकली नोट सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा।





