किच्छा: पुलभट्टा पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला एक व्यक्ति से जबरन पैसे लेने और फिर उन्हें वापस न करने से जुड़ा है।

शिकायतकर्ता मुहब्बे अली, पुत्र रमजानी, निवासी वार्ड नंबर 10, सिरौली कला ने न्यायालय में दायर याचिका में आरोप लगाया कि इसरार अंसारी, पुत्र आजाद हुसैन अंसारी, निवासी वार्ड नंबर 13, छोटी मस्जिद के पास, ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।
मुहब्बे अली का कहना है कि उसकी पुत्रवधू ने देवरनिया थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में देवरनिया पुलिस ने इसे पारिवारिक स्तर पर निपटाने की सलाह दी थी। इसी दौरान इसरार अंसारी ने खुद को सरकारी वकील बताकर मुकदमे का निपटारा कराने के लिए ₹1,30,000 की मांग की। पीड़ित ने मुकदमे के समाधान की उम्मीद में यह राशि उसे दे दी।
बाद में, जब पुलिस ने दोबारा उसे बुलाया, तो उसे पता चला कि मुकदमे का निपटारा नहीं हुआ था। इसके बाद मुहब्बे अली ने खुद अपने पारिवारिक जनों की मदद से मुकदमे का निपटारा कराया। जब उसने इसरार अंसारी से अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने धीरे-धीरे भुगतान करने का वादा किया, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी पूरी राशि नहीं लौटाई।
जब पीड़ित ने मामले को लेकर दबाव बनाया, तो आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर मुहब्बे अली ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
पुलिस ने न्यायालय के आदेश के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





