जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। जहां सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं, वहीं केंद्र सरकार भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

राष्ट्रपति से मुलाकात और लाल फाइल की चर्चा
राष्ट्रपति भवन में हुई इस अहम मुलाकात की जानकारी खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की, जिसमें उन्होंने एक तस्वीर भी पोस्ट की। इस तस्वीर में एक लाल फाइल टेबल पर रखी नजर आ रही है, जबकि दूसरी फाइल अमित शाह के हाथ में है। इन लाल फाइलों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, इनमें क्या है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पाकिस्तान में मचा हड़कंप
माना जा रहा है कि ये लाल फाइलें भारत की अगली बड़ी कार्रवाई की ओर इशारा कर रही हैं। जिस तरह से गृहमंत्री और विदेश मंत्री सीधे राष्ट्रपति से मिले, उससे यह संकेत मिल रहा है कि सरकार पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कदम उठा सकती है। इससे पहले भी भारत ने डिप्लोमैटिक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश की थी।
विदेश मंत्रालय ने की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहल
इसी बीच विदेश मंत्रालय ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, इटली, कतर, जापान, चीन, रूस, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों के शीर्ष राजनयिकों को साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में बुलाया। वहां उन्हें पहलगाम आतंकी हमले की विस्तृत जानकारी दी गई। भारत ने साफ किया कि यह हमला न सिर्फ उसकी संप्रभुता पर, बल्कि वैश्विक शांति पर भी हमला है।





