टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को कोलकाता हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि शमी को अपनी पत्नी हसीन जहां और बेटी आयरा के लिए हर महीने कुल 4 लाख रुपये गुजारा भत्ता देना होगा। फैसले के मुताबिक, हसीन जहां को 1.5 लाख रुपये और बेटी आयरा के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति माह देना होगा।

कोर्ट के इस फैसले में जस्टिस अजय मुखर्जी ने यह भी कहा है कि अगर शमी चाहें, तो वह बेटी की शिक्षा के लिए अतिरिक्त राशि स्वेच्छा से दे सकते हैं। यह आदेश उस पुराने फैसले को पलटता है जिसमें शमी को हर महीने हसीन जहां को 50 हजार और बेटी के लिए 80 हजार रुपये देने का निर्देश दिया गया था।
हसीन जहां ने कोर्ट में अपनी याचिका में बताया कि शमी की सालाना आमदनी करीब 7.19 करोड़ रुपये है, यानी लगभग 60 लाख रुपये प्रतिमाह। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और बेटी को मिलाकर हर महीने करीब 6 लाख रुपये की जरूरत होती है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि यह भत्ता सात साल पहले की तारीख से वसूला जाएगा। साथ ही निचली अदालत को निर्देश दिया गया है कि वह इस मामले का निपटारा छह महीने के भीतर करे। यह केस ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम’ के तहत दायर किया गया था।
हाल ही में शमी ने बेटी आयरा के साथ तस्वीरें शेयर कर एक इमोशनल पोस्ट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह लंबे समय बाद बेटी से मिल रहे हैं। हालांकि, इस पर हसीन जहां ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और शमी की भावनात्मक पोस्ट को “नाटक” करार देते हुए कहा था कि उन्हें बेटी की कोई परवाह नहीं है।





