जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। ये स्केच चश्मदीदों के बयानों के आधार पर फॉरेंसिक टीम ने तैयार किए हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, कुल छह आतंकी इस हमले में शामिल थे। इस हमले में देश के अलग-अलग राज्यों से आए 28 टूरिस्टों की दर्दनाक मौत हुई थी।

हमलावरों की पहचान और विदेशी कनेक्शन
जिन संदिग्धों के स्केच जारी किए गए हैं, उनके नाम हैं – आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा। खुफिया रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान के रावलकोट में रची गई थी। बताया जा रहा है कि आतंकी 26/11 मुंबई हमले जैसी तैयारी करके आए थे। सूत्रों के अनुसार, हमले में शामिल आतंकी पश्तो भाषा में बात कर रहे थे और उनके हेलमेट में कैमरे भी लगे थे, जिससे उन्होंने पूरी वारदात की रिकॉर्डिंग की।
TRF ने ली जिम्मेदारी, गृह मंत्रालय ने किया खंडन
इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ (The Resistance Front) ने ली है। टीआरएफ ने दावा किया था कि उसने आईबी अधिकारियों को निशाना बनाकर हमला किया, लेकिन गृह मंत्रालय ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। जांच में यह भी पता चला है कि बैसरन घाटी में हुए इस हमले में दो स्थानीय आतंकी भी शामिल थे।
गृह मंत्री का दौरा और सख्त संदेश
घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह हालात का जायजा लेने श्रीनगर और फिर पहलगाम पहुंचे। उन्होंने मंगलवार रात एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। शाह ने साफ शब्दों में कहा कि इस हमले के दोषियों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने बैसरन घाटी का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा बलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
PM मोदी की अगुवाई में CCS की बैठक
आज शाम छह बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट सिक्योरिटी अफेयर्स (CCS) की बैठक बुलाई गई है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
यह आतंकी हमला उस वक्त हुआ जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह ने उकसावे वाली तकरीर दी थी। ऐसे में हमले के पीछे पाकिस्तान की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, हालांकि पाकिस्तान ने इससे पल्ला झाड़ लिया है।





