देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी चर्चाएं इन दिनों तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि राज्य में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले, यानी वर्ष 2026 के नवंबर या दिसंबर में कराए जा सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
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गुरुवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूछा कि क्या उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा चुनाव होने की संभावना है? इस पर मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें इस संबंध में किसी भी स्तर पर कोई सूचना नहीं मिली है।
सीएम धामी ने कहा, “हमें किसी भी स्तर पर यह नहीं बताया गया है कि विधानसभा चुनाव समय से पहले होने जा रहे हैं। न ही ऐसी किसी प्रकार की तैयारियां चल रही हैं। चुनाव कब होंगे, यह पूरी तरह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का विषय है। आयोग जो निर्णय करेगा, उसका सभी को पालन करना होगा। फिलहाल समय से पहले चुनाव को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल राज्य सरकार के पास समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने जैसी कोई जानकारी या योजना नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की चर्चाओं का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।
क्यों तेज हुईं समय से पहले चुनाव की चर्चाएं?
उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च 2027 को समाप्त होगा। ऐसे में संवैधानिक व्यवस्था के तहत विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 की शुरुआत, संभवतः फरवरी माह में कराए जाने की संभावना है। हालांकि पिछले कुछ समय से राज्य में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कई केंद्रीय नेताओं के लगातार दौरे, राजनीतिक गतिविधियों में बढ़ोतरी और चुनावी तैयारियों जैसी हलचलों ने समय से पहले चुनाव की अटकलों को हवा दी है।
इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तेज़ी से चल रही प्रक्रिया, जनवरी 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ और उसके बाद होने वाली जनगणना को लेकर भी राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चुनावी कार्यक्रम में बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा हो रही थी।
हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ताजा बयान के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा चुनाव को लेकर न तो कोई आधिकारिक फैसला हुआ है और न ही सरकार को ऐसी कोई सूचना प्राप्त हुई है।





