हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार स्थित होटल अलकनंदा को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर संचालित करने के सरकार के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। सरकार के इस निर्णय के विरोध में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने होटल अलकनंदा के घाट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत, रवि बहादुर समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने सरकार पर सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए फैसले को वापस लेने की मांग की।
## हरीश रावत ने सरकार पर लगाए सरकारी संपत्तियां बेचने के आरोप
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों को लीज के नाम पर बेहद कम कीमत पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा सरकार के खजाने में भले ही इजाफा हो जाए, लेकिन उत्तराखंड के संसाधनों को नुकसान पहुंचेगा।
हरीश रावत ने होटल अलकनंदा के साथ यूपी सरकार के परिसंपत्ति विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ही होटल के बराबर में दूसरा होटल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जमीन देना गलत फैसला था। उनका कहना था कि होटल अलकनंदा उत्तराखंड की महत्वपूर्ण संपत्ति है और इसे निजी हाथों में नहीं सौंपा जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस प्रदेश में सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण का विरोध जारी रखेगी। होटल अलकनंदा को PPP मोड पर देने के फैसले के खिलाफ पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और किसी भी कीमत पर इसका निजीकरण नहीं होने देगी।
## कांग्रेस के विरोध के जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे
होटल अलकनंदा को PPP मोड पर दिए जाने के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच भाजपा कार्यकर्ता भी सरकार के समर्थन में उतर आए। बैरागी कैंप के गेट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया और हाथों में काले झंडे लेकर नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेसियों को काले झंडे दिखाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला।
## भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस सरकार की सही नीतियों का विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी संपत्तियों को संरक्षित करने और उनसे राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
आशुतोष शर्मा ने कहा कि होटल अलकनंदा की संपत्ति पर लंबे समय तक उत्तराखंड का अधिकार नहीं था। धामी सरकार ने आपसी सहमति से इस संपत्ति को उत्तराखंड के हिस्से में दिलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कांग्रेस ने पहले इस संपत्ति की सुध ली होती तो परिसंपत्तियों का बंटवारा काफी पहले हो सकता था। भाजपा का कहना है कि सरकारी संपत्तियों से राजस्व बढ़ने पर प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।
## 2023 में उत्तराखंड को मिला था होटल अलकनंदा का अधिकार
दरअसल, हरिद्वार पहले उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। वर्ष 1964 में यूपी सरकार ने गंगा किनारे होटल अलकनंदा का निर्माण कराया था। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हो पाया था। इसी वजह से होटल अलकनंदा को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक विवाद चलता रहा और मामला न्यायालय तक भी पहुंचा।
वर्ष 2023 में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच सहमति बनने के बाद होटल अलकनंदा उत्तराखंड के हिस्से में आ गया। इसके बदले उत्तराखंड सरकार ने होटल के बराबर में स्थित जमीन उत्तर प्रदेश को दी, जहां यूपी सरकार ने होटल भागीरथ का निर्माण कराया।
## रखरखाव के अभाव में होटल का संचालन प्रभावित
वर्तमान में होटल भागीरथ का संचालन उत्तर प्रदेश सरकार PPP मोड पर कर रही है, जबकि होटल अलकनंदा का संचालन उत्तराखंड सरकार के अधीन गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के माध्यम से किया जा रहा है।
होटल अलकनंदा में करीब 30 कमरे हैं। गंगा किनारे स्थित होने के साथ यहां आकर्षक लॉन और घाट भी है, जो इसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं। होटल में कमरों का किराया करीब 3,900 रुपये से लेकर 7,875 रुपये तक बताया गया है। हालांकि, रखरखाव की कमी के चलते होटल का संचालन अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पा रहा है।
इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने होटल अलकनंदा को PPP मोड पर संचालित करने की योजना बनाई है, ताकि इसके रखरखाव और संचालन में सुधार के साथ राजस्व भी बढ़ाया जा सके। लेकिन सरकार की इस योजना के धरातल पर उतरने से पहले ही राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है।
## होटल अलकनंदा बना सियासत का नया केंद्र
होटल अलकनंदा को PPP मोड पर देने का फैसला अब हरिद्वार में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है। एक ओर कांग्रेस इसे सरकारी संपत्ति का निजीकरण बताकर विरोध कर रही है, वहीं भाजपा इसे संपत्ति के बेहतर रखरखाव और प्रदेश की आय बढ़ाने की पहल बता रही है।
दोनों दलों के आमने-सामने आने से होटल अलकनंदा को लेकर सियासत और तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार अपने फैसले पर आगे बढ़ती है या कांग्रेस के विरोध के बीच इस योजना में कोई बदलाव किया जाता है।





