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रामलीला मंच से विवेक दीप सिंह का बड़ा ऐलान, गोकुलनगर के ग्रामीणों को जमीन के नोटिसों से मुक्ति दिलाने का संकल्प

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रामलीला मंचन का शुभारंभ करने पहुंचे भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाने का दिया भरोसा, बोले— अवसर मिले या न मिले, ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई में रहूंगा साथ

किच्छा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा, उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक दीप सिंह ने गोकुलनगर, राघव नगर और महाराजपुर में आयोजित श्री रामलीला के छठे दिन के मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने रामलीला समितियों के पदाधिकारियों, कलाकारों और क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर आयोजन की शुभकामनाएं दीं। गोकुलनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने क्षेत्र में भूमि स्वामित्व की अनिश्चितता और मकान खाली करने व ध्वस्तीकरण से संबंधित नोटिसों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास करने का संकल्प जताया।

राघव नगर और महाराजपुर की रामलीला परंपरा की सराहना

विवेक दीप सिंह ने राघव नगर में 60 वर्षों और महाराजपुर में 53 वर्षों से चली आ रही रामलीला की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समितियों, कलाकारों और इस परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने वाले लोगों के योगदान की प्रशंसा की।

भूमि स्वामित्व और बेदखली नोटिसों से जुड़ी समस्या उठाई

गोकुलनगर में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विवेक दीप सिंह ने गोकुलनगर, तुरका गौरी और प्राग फार्म क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूमि स्वामित्व संबंधी अनिश्चितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मकान खाली करने और ध्वस्तीकरण से जुड़े नोटिसों के कारण कई परिवार अपने घर और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि स्वामित्व का मामला नहीं, बल्कि परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और जीवनभर की मेहनत से बनाए गए आशियानों से जुड़ा विषय है। ऐसे मामलों में ग्रामीणों को स्थायी समाधान की आवश्यकता है, ताकि वे अपने घरों में सुरक्षित और निश्चिंत होकर रह सकें।

मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखने का दिया भरोसा

विवेक दीप सिंह ने कहा कि वह ग्रामीणों की इस समस्या से परिचित हैं और इसे मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास केवल नोटिसों से अस्थायी राहत दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शासन स्तर पर स्थायी समाधान की दिशा में पहल करना होगा।

उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीणों को उनकी मूल समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास चाहिए, केवल आश्वासन या छोटी-मोटी सुविधाओं की घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं।

‘आपके अधिकारों की लड़ाई में एक कदम आगे खड़ा रहूंगा’

ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए विवेक दीप सिंह ने कहा, “मुझे जनप्रतिनिधित्व का अवसर मिले या न मिले, परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, गोकुलनगर, तुरका गौरी, प्राग फार्म सहित पूरे किच्छा-पंतनगर क्षेत्र में इस प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे परिवारों के साथ खड़ा रहूंगा। जहां आपके अधिकारों और सम्मान की बात आएगी, वहां मैं केवल आपके साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चलूंगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक कदम आगे बढ़कर संघर्ष करूंगा।”

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व का अर्थ केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचना या छोटे-छोटे कार्यों का श्रेय लेना नहीं है। वास्तविक जनसेवा जनता के भविष्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदारी के साथ खड़े होने में है।

श्रीराम के आदर्शों से जनसेवा की प्रेरणा लेने की बात

विवेक दीप सिंह ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, न्याय, मर्यादा और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना ही सच्ची जनसेवा है।

उन्होंने दोहराया कि ग्रामीणों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए वह प्रतिबद्ध हैं तथा भूमि स्वामित्व और बेदखली नोटिसों से जुड़ी समस्या को शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाकर स्थायी समाधान की दिशा में हरसंभव प्रयास करेंगे। हालांकि, समस्या के समाधान को लेकर अभी किसी सरकारी निर्णय या औपचारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

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