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से चली आ रही रामलीला की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समितियों, कलाकारों और इस परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने वाले लोगों के योगदान की प्रशंसा की। भूमि स्वामित्व और बेदखली नोटिसों से जुड़ी समस्या उठाई गोकुलनगर में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विवेक दीप सिंह ने गोकुलनगर, तुरका गौरी और प्राग फार्म क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूमि स्वामित्व संबंधी अनिश्चितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मकान खाली करने और ध्वस्तीकरण से जुड़े नोटिसों के कारण कई परिवार अपने घर और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि स्वामित्व का मामला नहीं, बल्कि परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और जीवनभर की मेहनत से बनाए गए आशियानों से जुड़ा विषय है। ऐसे मामलों में ग्रामीणों को स्थायी समाधान की
आवश्यकता है, ताकि वे अपने घरों में सुरक्षित और निश्चिंत होकर रह सकें। मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखने का दिया भरोसा विवेक दीप सिंह ने कहा कि वह ग्रामीणों की इस समस्या से परिचित हैं और इसे मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास केवल नोटिसों से अस्थायी राहत दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शासन स्तर पर स्थायी समाधान की दिशा में पहल करना होगा। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीणों को उनकी मूल समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास चाहिए, केवल आश्वासन या छोटी-मोटी सुविधाओं की घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। ‘आपके अधिकारों की लड़ाई में एक कदम आगे खड़ा रहूंगा’ ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए विवेक दीप सिंह ने कहा, “मुझे जनप्रतिनिधित्व का अवसर मिले या न मिले, परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, गोकुलनगर, तुरका गौरी, प्राग फार्म सहित पूरे किच्छा-पंतनगर क्षेत्र में इस प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे परिवारों के साथ खड़ा रहूंगा। जहां आपके अधिकारों