हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। हरिद्वार में पहली बार आयोजित इस कैबिनेट बैठक में विकास, आधारभूत ढांचे, प्रशासनिक सुधार, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के साथ ही स्वास्थ्य, आवास और आगामी विधानसभा सत्र से संबंधित विषयों पर भी निर्णय लिए गए।

बैठक के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट बैठक जनता के बीच आयोजित करने का उद्देश्य जनहित से जुड़े फैसलों को जनता के बीच रहकर लेना है।
धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों से संबंधित 13 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की। इनमें प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करने से लेकर अग्निवीरों की भर्ती, बाढ़ क्षेत्र प्रबंधन और बाल वीरता पुरस्कार योजना तक के महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
- केंद्र सरकार का आभार: उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
- मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान: हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में संस्थान के विकास के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। यहां भारतीय योग, ध्यान, ज्योतिष और अन्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- निवेश एवं आधारभूत ढांचा: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी गई।
- जन विश्वास संशोधन विधेयक: द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
- बाढ़ क्षेत्र प्रबंधन: उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी प्रदान की गई।
- विधानसभा सत्र: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी गई।
- अग्निशमन सेवाएं: उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
- पूर्व अग्निवीरों को अवसर: सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दी गई।
- संस्कृति विभाग: वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
- जल एवं स्वच्छता मिशन: स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी गई।
- हरिद्वार में आवासीय परियोजना: किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मानकों में शिथिलता देने को मंजूरी दी गई।
- ऊधम सिंह नगर में भू-उपयोग: भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि को सुधारने की मंजूरी दी गई।
- बाल वीरता पुरस्कार: मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को स्वीकृति प्रदान की गई।
हरिद्वार में बनेगा मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान
कैबिनेट बैठक में हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठित करने को सैद्धांतिक मंजूरी देना प्रमुख निर्णयों में शामिल रहा। इस संस्थान के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, योग, ध्यान, ज्योतिष और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की योजना है।
इसके साथ ही उत्तराखंड के विकास में केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए आभार प्रस्ताव भी सामने आया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास योजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की गई।
सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दी है। इस निर्णय को सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भर्ती में आरक्षण, आयु सीमा और अन्य शर्तों का विस्तृत विवरण संबंधित नियमावली के अनुसार स्पष्ट होगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के जरिए साहसिक कार्य करने वाले बच्चों को सम्मानित करने की व्यवस्था की जाएगी।
विधानसभा के आगामी सत्र पर भी फैसला
कैबिनेट ने वर्ष 2026 में उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दे दी है। सत्र की तारीख और स्थान से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से सामने आएगी।
बैठक में बाढ़ मैदानों के नियमन, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के कानूनी ढांचे और निवेश से जुड़े प्रावधानों में संशोधन जैसे विषयों पर भी निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना और राज्य में विकास कार्यों को गति देना है।
प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर गंगा पूजन
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा आरती में भाग लिया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के अवसर पर किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की। साथ ही मां गंगा से देश की निरंतर प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की गई।





