ऊधमसिंह नगर: जिले में सरकारी धान खरीद की रफ्तार धीमी बनी हुई है। शुक्रवार तक जिले में महज 1,722.80 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। खास बात यह है कि अब तक हुई पूरी खरीद खाद्य विभाग के बजाय आरएफसी के खरीद केंद्रों पर दर्ज की गई है, जबकि अन्य केंद्रों पर धान की आवक शुरू नहीं हो पाई है। शनिवार से किच्छा मंडी में भी खरीद शुरू कर दी गई है, लेकिन केंद्रों की संख्या बढ़ने के बावजूद खरीद में तेजी नहीं आई है।

पंजीकरण और टोकन के बाद ही बेच सकेंगे धान
खाद्य विभाग के अनुसार, सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद टोकन जारी होने पर ही किसान अपना धान खरीद केंद्र पर ला सकते हैं।
जिले में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके बावजूद अब तक ज्यादातर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में धान की आवक बढ़ने के साथ खरीद प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
कटाई और धान में नमी बनी खरीद धीमी होने की वजह
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि खेतों में अभी धान की कटाई चल रही है। इसके अलावा फसल में नमी अधिक होने के कारण किसान धान को सुखाने के बाद ही मंडियों में ला रहे हैं। इसी वजह से सरकारी खरीद की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
वहीं, राइस मिलर्स का करीब 500 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान भी धान खरीद को प्रभावित कर रहा है। बकाया भुगतान नहीं होने के कारण राइस मिलर्स धान खरीदने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि, उनकी जमानत राशि कम कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आई है।
किसानों से सूखा धान लाने की अपील
खाद्य विभाग के वरिष्ठ विपणन अधिकारी हेमंत जोशी ने बताया कि शुक्रवार तक जिले में 1,722.80 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण जारी है और शनिवार से किच्छा मंडी में भी खरीद शुरू कर दी गई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य खरीद केंद्रों पर भी जल्द धान की आवक बढ़ेगी। साथ ही किसानों से अपील की कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप सूखा धान ही खरीद केंद्रों पर लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भुगतान मिलने में देरी न हो।





