देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर भ्रामक प्रचार कर रही है, जबकि पूर्व में भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण होता रहा है। उस समय कांग्रेस को इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन अब उसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता व विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कांग्रेस पर राजनीतिक हताशा का आरोप
सीएम धामी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के रुख को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस संवैधानिक प्रक्रियाओं पर विवाद खड़ा कर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपने रिमोट कंट्रोल से चलाना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे। उनकी पीड़ा यही है कि देश की बागडोर अब किसी एक परिवार के हाथों में नहीं है और देश 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं और विश्वास के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। https://t.co/Hh1KsD5puJ
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 10, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता से असहज है और इसी कारण जनहित व पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर भी भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अपना महत्व है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखे। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।





