नैनीताल/किच्छा। किच्छा नगर पालिका से अलग गठित की गई सिरौलीकलां नगर पालिका के चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण स्थिति सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष एवं सभासद पदों के लिए निर्धारित तिथि पर मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी, लेकिन फिलहाल मतगणना और चुनाव परिणामों की घोषणा नहीं की जाएगी।

जानकारी के अनुसार यह मामला किच्छा नगर पालिका से अलग कर सिरौलीकलां नगर पालिका के गठन से संबंधित है, जिस पर हाई कोर्ट में याचिका विचाराधीन है। न्यायालय में चल रही सुनवाई के मद्देनजर चुनाव प्रक्रिया को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मतदान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा, जबकि मतगणना की प्रक्रिया न्यायालय के आगामी निर्देशों तक स्थगित रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। याचिका पर न्यायालय के निर्णय के बाद ही मतगणना और परिणामों की घोषणा को लेकर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।
निर्वाचन आयोग के इस निर्णय का असर चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर भी पड़ा है। लंबे समय से चुनाव प्रचार में जुटे उम्मीदवार मतदान के बाद परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें न्यायालय के फैसले का इंतजार करना होगा। इससे राजनीतिक गतिविधियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
वहीं दूसरी ओर, 22 सितंबर को होने वाले मतदान को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोनों नगर पालिका क्षेत्रों में मतदान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष एवं सदस्य पदों के निर्वाचन की अधिसूचना जारी कर चुका है। ऐसे में मतदाता निर्धारित तिथि पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, लेकिन चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा हाई कोर्ट में लंबित मामले के निस्तारण के बाद ही संभव हो सकेगी।
अब 5 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
किच्छा और सिरौलीकलां के मतदाता अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान करेंगे, लेकिन चुनावी तस्वीर कब साफ होगी, यह पूरी तरह हाई कोर्ट के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और मतदाताओं की निगाहें 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।





