नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। सूरत के आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार, भारत निर्वाचन आयोग और केंद्रीय जीएसटी (CGST) विभाग से शिकायत कर अभिजीत दिपके के पिता की आर्थिक स्थिति, CJP की फंडिंग और कानूनी सहायता कोष की जांच कराने की मांग की है।

अमित तिवारी का कहना है कि अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके महाराष्ट्र सरकार के औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनकी आय सीमित थी, तो उन्होंने अपने बेटे की अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा का खर्च कैसे उठाया। तिवारी ने इस मामले में आय से अधिक संपत्ति की संभावना जताते हुए जांच की मांग की है।
विदेश में पढ़ाई को लेकर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वह 6 जून को भारत लौटे थे, जिसके बाद उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
आरटीआई एक्टिविस्ट का आरोप है कि इस पूरे मामले में आर्थिक स्रोतों की पारदर्शिता की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी ने अपने वेतन से अधिक खर्च किया है, तो उसके स्रोतों की जांच की जानी चाहिए।
CJP की फंडिंग पर भी सवाल
अमित तिवारी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, लेकिन राजनीतिक संगठन की तरह कार्य कर रही है। ऐसे में यदि पार्टी के नाम पर फंड जुटाया जा रहा है या आर्थिक सहायता ली जा रही है, तो इसकी वैधानिक स्थिति की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या CJP का पंजीकरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत हुआ है। यदि ऐसा नहीं है, तो पार्टी के नाम पर फंड जुटाने और उसके उपयोग की जांच होनी चाहिए।
कपिल सिब्बल के फंड पर भी उठाए सवाल
आरटीआई एक्टिविस्ट ने केंद्रीय जीएसटी विभाग को भी पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा CJP प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित एक करोड़ रुपये के कानूनी सहायता कोष की जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि इस राशि पर लागू कर नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
गौरतलब है कि कपिल सिब्बल ने हाल ही में CJP द्वारा बनाए गए कानूनी सहायता कोष में एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। यह फंड कथित तौर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की कानूनी सहायता के लिए बनाया गया है।
दिपके के बयानों पर भी दर्ज कराई शिकायत
अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। साथ ही उन्होंने विदेशी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री के संबंधों पर भी विवादित बयान दिए। तिवारी का कहना है कि इन बयानों को लेकर भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है।





