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तिवारी ने इस मामले में आय से अधिक संपत्ति की संभावना जताते हुए जांच की मांग की है। विदेश में पढ़ाई को लेकर उठाए सवाल अभिजीत दिपके ने अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वह 6 जून को भारत लौटे थे, जिसके बाद उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन शुरू किया। आरटीआई एक्टिविस्ट का आरोप है कि इस पूरे मामले में आर्थिक स्रोतों की पारदर्शिता की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी ने अपने वेतन से अधिक खर्च किया है, तो उसके स्रोतों की जांच की जानी चाहिए। CJP की फंडिंग पर भी सवाल अमित तिवारी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक पंजीकृत राजनीतिक दल
नहीं है, लेकिन राजनीतिक संगठन की तरह कार्य कर रही है। ऐसे में यदि पार्टी के नाम पर फंड जुटाया जा रहा है या आर्थिक सहायता ली जा रही है, तो इसकी वैधानिक स्थिति की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या CJP का पंजीकरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत हुआ है। यदि ऐसा नहीं है, तो पार्टी के नाम पर फंड जुटाने और उसके उपयोग की जांच होनी चाहिए। कपिल सिब्बल के फंड पर भी उठाए सवाल आरटीआई एक्टिविस्ट ने केंद्रीय जीएसटी विभाग को भी पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा CJP प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित एक करोड़ रुपये के कानूनी सहायता कोष की जांच