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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए पद से बड़ा देश और छात्र

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नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए देश, युवा और छात्रों का हित किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण है।

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अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए देश, हमारे युवा और छात्र किसी भी पद से कहीं ज्यादा जरूरी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अपने पद से इस्तीफा इसी सिद्धांत का उदाहरण है।”

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शाह ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से नीट परीक्षा में सफल छात्रों को न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना

अमित शाह ने अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधान ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया, पीएम श्री स्कूलों का विस्तार किया, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया और स्किल डेवलपमेंट के साथ इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए।

शाह ने कहा कि उनका कार्यकाल विकसित भारत के निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

सुवेंदु अधिकारी बोले- ‘दिल भारी है’

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर लिखा कि शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनकर उनका “दिल भारी” हो गया।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन देश के शिक्षा क्षेत्र में धर्मेंद्र प्रधान का योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसे शिक्षा तंत्र की नींव रखी, जो बुनियादी शिक्षा, मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग और आधुनिक कौशल विकास को बढ़ावा देता है। उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना था।

NEET पेपर लीक विवाद के बीच दिया इस्तीफा

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी था। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

प्रधान ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विरोध का फायदा “देश-विरोधी ताकतें” न उठा सकें। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

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