नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने लाने की अपील की है।

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि में कथित अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
Champat Rai Bansal was the be-all and end-all of the trust. He has simply resigned and wants to walk away. I want to ask him: when Mahipal and several others brought to your notice that a massive theft was taking place, why were they removed?
Champat Rai Bansal is a big shark.… pic.twitter.com/tjyDlSn0ur
— Congress (@INCIndia) June 30, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की प्रमुख भूमिका रही है। ऐसे में इस विवाद पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रस्ट का गठन वर्ष 2020 में केंद्र सरकार द्वारा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई, जिनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
हमारे सवाल:
• SIT रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
• अभी तक सिर्फ 80 लाख बरामद हुए हैं, बाकी रुपए कहां हैं?
• 40 दिन में 70 बार चोरी हुई तो साढ़े 5 साल में कितनी चोरी हुई?
• CCTV फुटेज का बैकअप क्यों नहीं रखा गया?
• राम मंदिर में हुई चोरी के तार किन लोगों तक जुड़े… pic.twitter.com/GLzZmJ6IL9— Congress (@INCIndia) June 30, 2026
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आवश्यक हो तो ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी विचार किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और अन्य कांग्रेस नेताओं को राम मंदिर जाने से पहले कथित तौर पर नजरबंद किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इस मामले पर सवाल न उठाए जा सकें।
‘चढ़ावा चोरी’ के मुद्दे पर हमारी मांग 👇
⦿ योगी सरकार SIT की जांच सार्वजनिक करे
⦿ श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए
⦿ चंपत राय और अन्य लोगों के खिलाफ FIR और जांच हो
⦿ शुरू से सारे चढ़ावों का निष्पक्ष ऑडिट किया जाए
⦿ इस महाघोटाले की सुप्रीम कोर्ट के… pic.twitter.com/5rYigTXkma— Congress (@INCIndia) June 30, 2026
कांग्रेस ने सरकार से कई सवाल पूछते हुए जानना चाहा कि कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका है, एफआईआर दर्ज करने में कथित देरी क्यों हुई और पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर में दिया गया दान श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रतीक है। इसलिए इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार और ट्रस्ट दोनों की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि इस मामले में गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही अब तक मंदिर को प्राप्त सभी दान की स्वतंत्र ऑडिट कराई जाए। पार्टी ने यह भी मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए ताकि निष्पक्षता पर किसी तरह का सवाल न उठे।





