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ask him: when Mahipal and several others brought to your notice that a massive theft was taking place, why were they removed? Champat Rai Bansal is a big shark.… pic.twitter.com/tjyDlSn0ur — Congress (@INCIndia) June 30, 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की प्रमुख भूमिका रही है। ऐसे में इस विवाद पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रस्ट का गठन वर्ष 2020 में केंद्र सरकार द्वारा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई, जिनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। हमारे सवाल: • SIT रिपोर्ट
सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? • अभी तक सिर्फ 80 लाख बरामद हुए हैं, बाकी रुपए कहां हैं? • 40 दिन में 70 बार चोरी हुई तो साढ़े 5 साल में कितनी चोरी हुई? • CCTV फुटेज का बैकअप क्यों नहीं रखा गया? • राम मंदिर में हुई चोरी के तार किन लोगों तक जुड़े… pic.twitter.com/GLzZmJ6IL9 — Congress (@INCIndia) June 30, 2026 सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आवश्यक हो तो ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी विचार किया जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और अन्य कांग्रेस नेताओं को राम मंदिर जाने से पहले कथित तौर पर नजरबंद किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इस मामले पर सवाल न उठाए जा सकें। 'चढ़ावा चोरी' के मुद्दे पर हमारी मांग 👇 ⦿ योगी सरकार SIT