अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों से साफ कहा था कि अमेरिका ऐसे देशों से व्यापार नहीं कर सकता जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हों या जहां परमाणु युद्ध का खतरा हो।

ओवल ऑफिस में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, “हमने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका। मुझे लगता है कि यह एक परमाणु आपदा में बदल सकता था।” उन्होंने दोनों देशों के नेताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने परिपक्वता दिखाई और स्थिति को संभाला।
#WATCH | US President Donald Trump says, “We stopped India and Pakistan from fighting. I believe that could have turned out into a nuclear disaster, and I want to thank the leaders of India and Pakistan, and I want to thank my people. Also, we talk trade, and we say we can’t… pic.twitter.com/8xfvVXj7HU
— ANI (@ANI) May 30, 2025
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के नेताओं का, साथ ही अपनी टीम का धन्यवाद करना चाहते हैं क्योंकि सभी ने इस मुद्दे पर समझदारी से काम लिया।
पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर
यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। चार दिनों तक दोनों तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई।
भारत ने ट्रंप के दावे को खारिज किया
हालांकि भारत ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। नई दिल्ली का कहना है कि युद्धविराम एक द्विपक्षीय निर्णय था, जो भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच हुई बातचीत के जरिए हुआ। भारत ने साफ कर दिया कि इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी और यह फैसला अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील वार्ताओं से भी पूरी तरह असंबंधित था।





