प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन गांधीनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि जहां-जहां वे गए, वहां राष्ट्रभक्ति की लहर और तिरंगे की शान देखने को मिली। उन्होंने कहा, “केसर सागर की गर्जना, लहराता तिरंगा और हर दिल में मातृभूमि के लिए अपार प्रेम… यह अविस्मरणीय दृश्य था।”

“आतंकवाद के कांटे को निकालकर रहेंगे”
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद पर खुलकर बात करते हुए कहा, “शरीर चाहे जितना भी स्वस्थ क्यों न हो, लेकिन अगर कोई कांटा चुभा हो तो चैन नहीं मिलता। अब हमने तय कर लिया है कि उस आतंकवाद के कांटे को निकालकर रहेंगे।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ प्रॉक्सी वॉर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित युद्ध लड़ रहा है। जो आतंकी मारे गए, उन्हें पाकिस्तान में राजकीय सम्मान दिया गया। ताबूत पर झंडा लपेटा गया और सलामी दी गई — ये सब इस युद्ध की गवाही देते हैं।
“पहले ही मुजाहिद्दीन को खत्म कर देते तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता”
पीएम मोदी ने कहा कि कश्मीर पर सरदार पटेल की इच्छा को नकारा गया, और इसका परिणाम आज भी देश भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि “अगर 1947 में ही आतंकवादियों को खत्म कर दिया जाता और पीओके पर सख्त रुख अपनाया गया होता, तो आज हम 75 साल बाद भी आतंकवाद से नहीं जूझ रहे होते।”
सिंधु जल संधि पर जताई नाराजगी
प्रधानमंत्री मोदी ने 1960 की सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर की नदियों पर बने बांधों की दशकों तक सफाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, “60 साल तक गाद साफ नहीं होने दी गई, इसलिए 100% क्षमता के बजाय ये बांध सिर्फ 2-3% तक सीमित हो गए हैं। जैसे ही हमने सफाई शुरू की, पाकिस्तान में बाढ़ जैसे हालात बन गए। अभी तो हमने कुछ किया ही नहीं, लेकिन वहां हड़कंप मच गया है।”
कांग्रेस पर तीखा हमला
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कश्मीर में आतंकी हमले के समय कांग्रेस ने जिस तरह फैसले लिए, उसने देश को कमजोर किया। सरदार पटेल की चेतावनी को अगर माना गया होता, तो भारत को ये दिन देखने नहीं पड़ते।”
गुजरात की विकास यात्रा की सराहना
गुजरात को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “जिस राज्य के पास कभी सिर्फ नमक था, आज वह दुनिया में हीरे के लिए जाना जाता है।” उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध विकास ने गुजरात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
भारत की अर्थव्यवस्था बनी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी
अपने शासन के 10 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा, “2014 में भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, और आज हम चौथे नंबर पर हैं। हमने न सिर्फ कोरोना, बल्कि युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं और वैश्विक संकटों का डटकर सामना किया। हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया जन-जन की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा, “ये सिर्फ सैन्य बल की नहीं, 140 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी है। देश को बनाना और बचाना अब हर नागरिक का कर्तव्य है।”





