शांतिपुरी। जवाहर नगर स्थित मारुति इंटरनेशनल स्कूल में शरद पूर्णिमा के अवसर पर भव्य डांडिया नाइट शो का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक उल्लास और पारंपरिक रंगों से सजे इस कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व दर्जाधारी डॉ. गणेश उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. लता उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य प्रेम आर्य तथा स्थानीय ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट और पारंपरिक परिधानों के बीच आयोजित डांडिया नाइट में प्रतिभागियों ने शानदार नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान डांडिया क्वीन, डांडिया कपल, बाल डांडिया क्वीन और ग्रुप डांडिया सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। ग्रुप डांडिया डांस प्रतियोगिता में फ्यूजन डांस क्लब ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि गीता धामी को उनकी आकर्षक प्रस्तुति के लिए डांडिया क्वीन चुना गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. गणेश उपाध्याय ने विद्यालय प्रबंधन को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। विभिन्न परंपराओं और त्योहारों को मनाते हुए एक-दूसरे की संस्कृति का सम्मान करना भारतीय समाज की खूबसूरती है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने और समाज में आपसी सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय के निदेशक सुमित सांगुड़ी और प्रधानाचार्या अंकिता सांगुड़ी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, इनमें भागीदारी से आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित होती है।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान दीपा कांडपाल, शांतिपुरी नंबर दो की ग्राम प्रधान कविता तिवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पूर्णिमा दानू सहित कई गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।





