उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई सीजन की पहली बर्फबारी ने पूरे प्रदेश में सर्द मौसम के साथ खुशियों की रौनक भी बिखेर दी है। वीकेंड के चलते जहां पर्यटन कारोबारियों में उत्साह देखने को मिला, वहीं स्थानीय लोग और पर्यटक बर्फबारी का भरपूर आनंद लेते नजर आए। हालांकि, इस बर्फबारी ने कुछ स्थानों पर लोगों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दीं।

लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश और बर्फबारी ने सभी को चौंका दिया, क्योंकि आमतौर पर बारिश के कुछ दिनों बाद ही बर्फ गिरती है, लेकिन इस बार बारिश और बर्फबारी एक साथ देखने को मिली। इस प्राकृतिक नजारे ने कई पलों को यादगार बना दिया।
उत्तराखंड में बर्फबारी के बीच सात जोड़े विवाह बंधन में बंधे @NavbharatTimes pic.twitter.com/mTSgrH6YlM
— NBT Uttar Pradesh (@UPNBT) January 24, 2026
त्रिजुगीनारायण में बर्फबारी के बीच संपन्न हुईं सात शादियां
रुद्रप्रयाग जिले में भगवान शिव-पार्वती के पावन विवाह स्थल त्रिजुगीनारायण में शुक्रवार को बर्फबारी के बीच सात जोड़ों ने सात फेरे लिए। शादी के दौरान अचानक शुरू हुई बर्फबारी ने इन विवाह समारोहों को खास और अविस्मरणीय बना दिया।
दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन ठंड से ठिठुरते जरूर नजर आए, लेकिन इस अनोखे अनुभव ने सभी को रोमांचित कर दिया। इन सात जोड़ों में दो जोड़े पश्चिम बंगाल से, दो महाराष्ट्र से और तीन उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से थे। सभी नवविवाहित जोड़ों ने शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर विवाह को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया।
बर्फबारी के बावजूद मंदिर परिसर में रौनक बनी रही और श्रद्धालुओं व विवाह समारोह में शामिल लोगों में उत्साह देखने को मिला।
गैरसैंण में बर्फबारी बनी चुनौती, दूल्हा-दुल्हन को 21 किमी पैदल तय करना पड़ा
दूसरी ओर, चमोली जनपद के गैरसैंण क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी दूल्हा-दुल्हन और बारातियों के लिए परेशानी का कारण बन गई। बसंत पंचमी के अवसर पर सालियाणा गांव के सरपंच जीत सिंह बिष्ट के पुत्र सूरज बिष्ट की बारात परवाड़ी गांव पहुंची थी।
शादी के दौरान बर्फबारी शुरू हुई और बर्फ गिरने के बीच जयमाला की रस्म संपन्न हुई। हालांकि, कुछ ही देर में बर्फबारी इतनी तेज हो गई कि बारात में शामिल सभी वाहन परवाड़ी गांव में फंस गए। घंटों इंतजार के बाद भी जब रास्ते नहीं खुले, तो दूल्हा-दुल्हन समेत पूरी बारात को पैदल ही गांव लौटना पड़ा।
दूल्हा-दुल्हन और बाराती परवाड़ी गांव से भराड़ीसैंण और दिवालीखाल होते हुए करीब 21 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर देर रात अपने गांव सालियाणा पहुंचे। यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रदेश में हुई इस पहली बर्फबारी ने जहां पर्यटन को बढ़ावा दिया है, वहीं इन अनोखे और भावुक पलों ने उत्तराखंड की सर्दियों को और भी खास बना दिया है।





