देहरादून: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव में अब लगभग एक साल का समय शेष है, ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड में लंबे समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्व बंटवारे की चर्चाओं को एक बार फिर हवा मिल गई है। माना जा रहा है कि चुनावी तैयारियों के मद्देनजर राज्य में जल्द ही दायित्वधारियों की एक और सूची जारी की जा सकती है।

चुनावी राजनीति में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की अहम भूमिका को देखते हुए सत्ताधारी दल अक्सर चुनाव से पहले उन्हें विभिन्न दायित्व सौंपकर साधने की कोशिश करता है। उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद अब तक चार बार दायित्वधारियों की सूची जारी की जा चुकी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि एक या दो और सूचियां जल्द सामने आ सकती हैं।
दरअसल, गोपन विभाग की ओर से सभी विभागों को पत्र भेजकर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य समेत अन्य रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है। इसके बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि रिक्त पदों का ब्यौरा मिलते ही शासन स्तर पर नई जिम्मेदारियों के बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष इससे पहले भी कई बार यह संकेत दे चुके हैं कि दायित्वधारियों की सूची तैयार है और शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिलते ही इसे जारी कर दिया जाएगा। ऐसे में एक बार फिर नेताओं और कार्यकर्ताओं को साधने के लिए दायित्वधारियों की नई सूची सामने आने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायकों और पार्टी नेताओं की मुलाकातों में भी तेजी आई है। साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद संगठनात्मक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। मुख्यमंत्री धामी समेत कई विधायक दिल्ली दौरे पर रहे हैं। मुख्यमंत्री के दिल्ली से देहरादून लौटने और उसी दौरान गोपन विभाग द्वारा विभागों को पत्र भेजे जाने के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
गौरतलब है कि 2022 विधानसभा चुनाव के बाद अब तक चार दायित्वधारी सूचियां जारी की जा चुकी हैं। पहली सूची 27 सितंबर 2023 को जारी हुई थी, जिसमें 10 नेताओं को दायित्व सौंपे गए थे। दूसरी सूची 14 दिसंबर 2023 को आई, जिसमें 11 नेताओं को जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 1 अप्रैल 2025 को तीसरी सूची जारी की गई, जिसमें 20 नेताओं को दायित्व दिए गए। चौथी सूची 4 अप्रैल 2025 को जारी हुई, जिसमें 18 नेताओं को विभिन्न दायित्व सौंपे गए थे। अब एक बार फिर नई सूची को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।





