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धामी मंत्रिमंडल की बैठक आज, उपनल कर्मियों के समान कार्य–समान वेतन समेत कई अहम मुद्दों पर फैसला संभव

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम चार बजे राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक उपनल कर्मचारियों के लिए खास तौर पर अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से समान कार्य–समान वेतन की मांग कर रहे उपनल कर्मियों से जुड़े प्रस्ताव पर आज मुहर लगने की संभावना है।

उपनल कर्मचारियों की मांगों को लेकर गठित उप मंत्रिमंडलीय समिति के प्रस्तावों पर शासन स्तर पर परीक्षण पूरा हो चुका है। ऐसे में आज की कैबिनेट बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, नागरिक उड्डयन, पर्यटन समेत विभिन्न विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा कर स्वीकृति दी जा सकती है।

सचिवालय में होने वाली यह कैबिनेट बैठक कई दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कार्मिक नीतियों से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है, जिससे सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही कई विभागों की नियमावलियों में संशोधन और नई नीतियों को भी हरी झंडी दी जा सकती है।

पिछली कैबिनेट बैठक में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ देने से जुड़े प्रस्ताव को उप मंत्रिमंडलीय समिति को भेजा गया था। ऐसे में आज की बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है और कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही है। मामला नैनीताल हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है, जिसके बाद सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक में पर्यटन विभाग की नियमावली में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जा सकता है, ताकि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ नए पर्यटन स्थलों के विकास को गति मिल सके। वहीं, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण से संबंधित कट-ऑफ तिथि के निर्धारण पर भी चर्चा संभव है।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक में समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश को भी मंजूरी मिल सकती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने कुछ महीने पहले इस संशोधन अध्यादेश को मंजूरी के लिए लोक भवन भेजा था, लेकिन तकनीकी त्रुटियों के चलते इसे वापस कर दिया गया था। ऐसे में अब सरकार संशोधित अध्यादेश के जरिए इसे लागू करने की तैयारी कर सकती है।

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