Tuesday, January 27, 2026
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केंद्र सरकार का निर्देश: 10 मिनट में डिलीवरी देने वाली सेवाओं पर रोक

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नई दिल्ली। महज 10 मिनट में सामान की डिलीवरी का दावा करने वाले क्विक कॉमर्स ऐप्स को लेकर केंद्र सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। सरकार का मानना है कि अत्यधिक तेज डिलीवरी के दबाव के चलते सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है और गिग वर्कर्स को गंभीर नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने ब्लिंकिट, जेप्टो, जोमेटो और स्विगी सहित सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ऐसे विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए हैं।

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केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और क्विक कॉमर्स कंपनियों के बीच हुई बातचीत में इस मुद्दे पर सहमति बनी है। ब्लिंकिट ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर 10 मिनट डिलीवरी जैसे दावों से जुड़े विज्ञापन नहीं चलाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य कंपनियां भी इसी दिशा में कदम उठाएंगी। इस संबंध में श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने क्विक कॉमर्स सेक्टर में सक्रिय कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा की थी।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य गिग वर्कर्स की सुरक्षा, उनके बचाव और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना है। यह मुद्दा संसद में भी उठ चुका है। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने शीतकालीन सत्र के दौरान अत्यधिक तेज डिलीवरी की “मानवीय कीमत” पर सवाल उठाते हुए इस पर पुनर्विचार की मांग की थी।

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कंपनियों से डिलीवरी के लिए तय समय सीमा हटाने पर भी जोर दिया था। इसी क्रम में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट की वर्दी में नजर आए। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर, मैंने उनका दिन जिया।” उन्होंने कहा कि नीतिगत बहस से हटकर जमीनी हकीकत को समझना जरूरी है।

गौरतलब है कि नए साल से ठीक पहले गिग वर्कर्स की सुविधाओं को लेकर देशभर में बहस तेज हुई थी। इसके बाद सरकार और कंपनियों के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गिग वर्कर्स का सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा और कंपनियां इस प्रक्रिया में उनकी मदद करेंगी।

गिग वर्कर्स के पंजीकरण से जुड़ी प्रमुख शर्तें:

  • रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा।

  • न्यूनतम आयु 16 वर्ष निर्धारित की गई है।

  • पंजीकरण के बाद वर्कर को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर प्रदान किया जाएगा।

  • प्रत्येक वर्कर को फोटो सहित डिजिटल आईडी कार्ड मिलेगा।

  • मोबाइल नंबर, पता या कौशल में बदलाव होने पर पोर्टल पर जानकारी अपडेट करना अनिवार्य होगा, अन्यथा लाभ प्रभावित हो सकता है।

सरकार का मानना है कि इन कदमों से गिग वर्कर्स की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूती मिलेगी, साथ ही क्विक कॉमर्स सेक्टर में जिम्मेदार कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

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