रुद्रपुर। ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर स्थानीय लोगों ने ईदगाह की जमीन को मुक्त कराने की मांग को लेकर उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से ईदगाह परिसर से कब्जा हटाकर उसे मूल रूप से मुस्लिम समुदाय को सौंपने की मांग की।

उपवास कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्व सांसद प्रतिनिधि साजिद खान ने कहा कि नगर निगम और प्रशासन ने सात दिसंबर को बिना किसी पूर्व सूचना और आपसी सहमति के ईदगाह मैदान पर कब्जा कर उसे बंद कर दिया, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से पहले न तो मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों से राय ली गई और न ही ईदगाह, मदरसा, मस्जिद, कब्रिस्तान, करबला, मजार समेत संबंधित धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से कोई विचार-विमर्श किया गया।
साजिद खान ने बताया कि ईदगाह परिसर में बारात घर भी स्थित है, जहां वर्षों से लोग विवाह सहित अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। परिसर बंद होने से लोगों को अपने पारिवारिक आयोजनों के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इस दौरान पार्षद परवेज कुरैशी, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा और कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा ने कहा कि ईदगाह परिसर में संचालित स्कूल और मदरसे के छात्र-छात्राओं के साथ ही क्षेत्र के बच्चों से उनका खेल का मैदान भी छिन गया है, जिससे शिक्षा और खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
ईदगाह कमेटी के सदर वाहिद मियां की अध्यक्षता में हुए इस उपवास कार्यक्रम में कैलाश भट्ट, शिवदेव सिंह, राजेश तिवारी, सुनीता, रविंदर कौर, पूर्व सभासद सलीम अहमद, नूर अहमद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





